कृष्णमुखी न मार्जारी
द्विजिह्वा न च सर्पिणी।
पञ्चभर्त्री न पाञ्चाली
यो जानाति स पण्डित:।।
द्विजिह्वा न च सर्पिणी।
पञ्चभर्त्री न पाञ्चाली
यो जानाति स पण्डित:।।
✓ पदच्छेद--
कृष्णमुखी, न, मार्जारी, द्विजिह्वा, न, च, सर्पिणी,पञ्चभर्त्री,न,पाञ्चाली,य:,जानाति,स:,पण्डित:।
कृष्णमुखी, न, मार्जारी, द्विजिह्वा, न, च, सर्पिणी,पञ्चभर्त्री,न,पाञ्चाली,य:,जानाति,स:,पण्डित:।
✓ शब्दार्थ--
१) कृष्णमुखी (वि,स्त्री,समास:)--
• कृष्णं मुखं यस्या: सा।
= काळ्या तोंडाची
= काले मुँह वाली
= Black-mouthed
२) न (अ)--
=नाही
= नही
= (Is) not
३) मार्जारी (स्त्री)--
= मांजरी
= बिल्ली
= She-cat
४) द्विजिह्वा (स्त्री,समास:)--
• द्वे जिह्वे यस्या: सा।
=दोन जिभा असलेली
= दो जीभ वाली
= Two- tongued/ whose tongue is forked.
५) न च (अ)--
= पण नाही
= पर नही
= But not
६) सर्पिणी (स्त्री)--
=सर्पिणी/ मादी साप
= साँपिन
= she-snake
७) पञ्चभर्त्री (स्त्री,वि,समास:)--
• पञ्च भर्तार: यस्या: सा।
=पाच पती असलेली ( द्रौपदी पाच पांडवांची पत्नी)
= पाच पतियों वाली
= One who has five husbands (Draupadi the wife of the Pandavas)
८) य: > यद् (पुं)--
= जो
= जो
= Whoever
९) जानाति > ज्ञा (९प)--
=जाणतो
= जानता है
= Knows
१०) स: > तद् (पुं)--
=तो
= वह
= He
११) पण्डित: >पण्डित (पुं)--
=पंडित ( हुशार)
= पंडित
= Pundit (a wise/learned man)
✓ प्रश्न--
१) मुखं कीदृशम् उक्तम् ?
२) सर्पिणी कीदृशी ?
३) प्रसिद्धा पञ्चभर्त्री का ?
४) प्रहेलिकायाः उत्तरं किम्?
✓ अन्वय--
(एषा) कृष्णमुखी (अस्ति तथापि) मार्जारी न (अस्ति)। द्विजिह्वा (अस्ति ) न च सर्पिणी न (अस्ति)। पञ्चभर्त्री (अस्ति तथापि) पाञ्चाली न (अस्ति)। य: (एनां ) जानाति,स: पण्डित: (अस्ति)।
✓ अर्थ--
१) मराठी अर्थ--
ही काळ्या तोंडाची आहे पण मांजरी नाही, तिला दोन जिभा आहेत पण ती सर्पिणी नाही, तिला पाच पती आहेत पण ती द्रौपदी नाही जो हुशार असेल तोच याचे उत्तर देऊ शकेल.
ही सर्व वैशिष्ट्ये शाईच्या पेनाची आहेत पेन काळ्या रंगाचे असते त्याला जे निब असते ते दुभंगलेले असते या त्याच्या दोन जिभा आहेत.पेन पाच बोटांनी पकडले जाते हे पाच पती होत. म्हणून या कोड्याचे उत्तर आहे 'फाऊंटन पेन.'
२) संस्कृतार्थ:--
एषा कृष्णमुखी अस्ति तथापि मार्जारी नास्ति।तस्याः द्विजिह्वा अस्ति किन्तु सर्पिणी नास्ति।तस्याः पञ्च भर्तारः सन्ति तथापि सा पाञ्चाली नास्ति। य: एनां जानाति,स: पण्डित: अस्ति।
प्रहेलिकाया: उत्तरं 'लेखनी' इति अस्ति। एतस्याः द्विजिह्वात्मकम् मस्या: कारणात् कृष्णं जातं च मुखम् अस्ति। लेखनी पञ्चभिः अङ्गुलिभिः गृह्यते।
३) हिंदी अर्थ--
इसका मुँह काला है लेकिन ये बिल्ली नही है; इसकी दो जिव्हाएँ है लेकिन यह साँपिन नही है; इसके पाँच पति है लेकिन यह द्रौपदी नही; जो इसे जानता है वह पण्डित कहलायेगा।
इस प्रहेलिका का उत्तर लेखनी है। काली स्याही की वजह से इसका मुँह काला होता है। उसकी नोंक बीच के छेद की वजह से दो जीभ जैसी है और पाँच उंगलियाँ उसे पकडे रहती है।इसलिए वह पञ्चभर्त्री है।
४) English Meaning--
She is black-mouthed but she is not a she-cat. She has a forked tongue yet she is not the she-snake. She has five husbands yet she is not Draupadi. He who knows her is the pundit among men.
All these chatacteristcs are found in a pen especially a fountain pen. It has a mouth (nib) backened with ink, it has a forked tongue (the nib is forked), it is held by using five fingures of hand (so she can be compared to Draupadi). So the fountain-pen is the answer to this riddle.