११६) केशवं पतितं--------।।

केशवं पतितं दृष्ट्वा 
पाण्डवा हर्षनिर्भरा:।
रुदन्ति कौरवास्तत्र
हा हा केशव केशव।।

पदच्छेद-- केशवम्,पतितम्,दृष्ट्वा,पाण्डवा:,हर्षनिर्भरा:, रुदन्ति, कौरवा:, तत्र, हा,हा,केशव, केशव।

शब्दार्थ-- 

१) केशवम् >केशव (पुं)--
= श्री कृष्णाला 
= कृष्ण
= Krishna

२) के > क (नपुं)--
=पाण्यात
= पानी में
= Into the water

३) शवम् >शव (पुं)--
= प्रेताला 
= मृत शरीर को
= Dead body (of an animal etc)

४) पतितम् >पत् (१प,वि)--
= पडलेला ( युध्दात मारला गेलेला)
= (युद्ध मे ) गिरे हुए
= Fallen (in the battlefield) 

५) पाण्डवा: >पाण्डव (पुं)--
= पाच पांडव/ शुभ्र रंगाचे बगळे 
= पाँच पांडव/ सफेद रंगवाले बगुले
= The five sons of Pandu / white coloured herons  

६) हर्षनिर्भरा: >हर्षनिर्भर (वि,पुं,समास:)--
• हर्षेण निर्भरा:।
=अत्यानंद झालेले
= हर्षोल्लास से भरे हुए
= Filled with happiness

७) रुदन्ति >रुद् (२प)--
=रडणारे
= रो रहें है।
= Are weeping

८) कौरवा: >कौरव
= कौरव/ काव काव असा आवाज करणारे कावळे 
= सौ कौरव /कौ कौ करनेवाले कौवे
= The hundred sons of Dhritarashtra/ crows which utter the word कौ,कौ

९) सर्वे >सर्व (पुं)--
=सगळे
= सब
= All

१०) हा (अ)--
=हाय! हाय ! असा दुखोद्गार
= दुखसूचक उद्गार
=Alas!= An interjection showing grief over the loss

प्रश्न
१) केशवं पतितं दृष्ट्वा के हर्षनिर्भराः?
२) पाण्डवाः एतस्य पदस्य कौ द्वौ अर्थौ ?
३) कौरवाः किमर्थं रुदन्ति?  
४) कौरवाः इति पदस्य द्वौ अर्थौ कौ?

अन्वय-- 
पाण्डवा: केशवं (युद्धे) पतितं दृष्ट्वा हर्षनिर्भरा: (सन्ति)। सर्वे कौरवा: हा हा केशव,केशव (इति) रुदन्ति।

अर्थ--

१) मराठी अर्थ--
कृष्णाला युध्दात धारातीर्थी पडलाला पाहून पांडवाना अत्यानंद झाला.आणि कौरव हाय! हाय! असे दुःख करु लागले.

हा अर्थ विपरित वाटतो.कारण कृष्ण पांडव पक्षात होता कौरवांच्या विरोधात होता.त्या मुळे येथे केशव शब्द ' के' व ' शव' असा फोडून त्याचा अर्थ घेतला तर पाण्यात मृत शरीर पडलेले पाहून पांडव अर्थात बगळे आनंदित झाले परंतु कौरव अर्थात काव काव असा आवाज करणारे कावळे मात्र रडू लागले. असा घ्यावा लागतो.

२) संस्कृतार्थ:--
पाण्डवा: केशवं युद्धे पतितं दृष्ट्वा हर्षनिर्भरा: जाताः। सर्वे कौरवा: हा हा केशव,केशव इति रुदन्ति।

कृष्णं पतितं दृष्ट्वा पाण्डवाः आनन्दिताः इति असम्भवम् । अत्र के तथा शव इति शब्दद्वयं स्वीकृत्य यदा अन्वयं कुर्मः तदा जले मृतशरीरं दृष्ट्वा बकाःखाद्यवस्तुलाभात् आनन्दिताः। येषां भक्ष्यं पतितं अत: हस्तेतात् च्युतं ते काकास्तु दुखिताः क्रोशन्ति इति अर्थ: फलति।

३) हिंदी अर्थ-- 
कृष्ण को युद्ध मे आघातों से भूमितलपर गिरा हुआ देखकर पाण्डव हर्षभरित हो गये है और कौरव हाय, कृष्ण गिरा हाय, कृष्ण गिरा करके रो रहें है।  

 यह अर्थ कुछ जचता नही क्यों कि कृष्ण पांडवों के पक्ष के थे और कौरवों के विरुद्ध थे। इसलिए केशव शब्द का विभाजन करके 'के' तथा 'शव' ये दोन शब्द लेकर तथा पांडव शब्द और कौरव शब्द का भी भिन्न अर्थ लेकर इस विसंगति को सुलझाया जा सकता है। तब अर्थ होगा-- पानी मे मृत शरीर गिरने से बगुले खाद्य मिलने की वजह से आनंदित है। लेकिन कौए पानी मे उतर नही सकते इसलिए उनके हाथ से भक्ष्य छूट गया इसलिए वे सब 'पानी मे शव, पानी मे शव गिरा' कहकर रो रहे है।

४) English Meaning-- 
Seeing Krishna fallen in the battlefield, the_Padavas are extremely happy whereas the _Kauravas_ are all, weeping, uttering alas! Krishna! alas! Krishna.

This is inconguent as Krishna was on the side of the Pandavas and against the Kauravas. The incongruence can be removed if we break the word केशव into के and शव and aslo take other meanings of the words-- पांडव and कौरव. Then the meaning is as follows--
Seeing the dead body fallen in the water, the herons are extremely happy to get their meal. At the same time since the crows can't go into the water, they are all extremely unhappy for the loss of their meal and therefore they are weeping, uttering ," Alas, alas, the dead body has fallen in the water!"