स जातो येन जातेन
याति वंश: समुन्नतिम्।
परिवर्तिनि संसारे
मृत: को वा न जायते।।
याति वंश: समुन्नतिम्।
परिवर्तिनि संसारे
मृत: को वा न जायते।।
✓ पदच्छेद–
स:, जात:, येन, जातेन, याति, वंश:, समुन्नतिम्, परिवर्तिनि, संसारे, मृत:,क:,वा, न, जायते।
✓ शब्दार्थ--
१) स: > तद् (पुं)
= तो
= वह
= He
२) जात: >जात (वि)>जन् (४आ)--
=जन्मतो
= उत्पन्न हुआ/जना हुआ/जन्म हुआ
= (Is truly) born
३) येन > यद् (पुं)
= ज्याने/ ज्याच्या कारणाने
= जिसकी वजह से
= Because of whose
४) जातेन >जात (वि)--
("येन जातेन" इति कारणबोधिका तृतीया। अत: द्वे अपि पदे एकत्र अवगन्तव्ये।)
=जन्म होण्याने
= जन्म होने से
= Because of taking birth
५) याति > या (२प)--
=संपादन करतो/ मिळवितो
= प्राप्त करता है
= Attains
६) वंश: >वंश (पुं)--
=वंश
= वंश ( कुल )
= Lineage
७) समुन्नतिम् > समुन्नति (स्त्री)--
=प्रगती
= प्रगति/ उन्नति
= Progress/eminence
८) परिवर्तिनि > परिवर्तिन् (वि,पुं)--
= परिवर्तनशील
= परिवर्तनशील
= Ever changing
९) संसारे >संसार (पु)--
= या जगात
= इस संसार में
= In the world
१०) मृत: > मृत (वि)--
=मरण पावलेला
= मृत्यु को प्राप्त हुआ
= Dead
११) क: >किम् (पुं)--
=कोण
= कौन
= Who
१२) वा (अ)--
= नाही तर
= नही तो (प्रश्नसूचक अव्यय)
= Say...(who doesn't?) (colloquial interjection forming a verbal question)
१३) न (अ)--
=नाही
= नही
= Not
१४) जायते >जन् (४आ)--
=जन्मतो
= जन्म लेता/जन्म लेने से
= Takes (common) birth
✓ प्रश्न--
१) क: सत्यमेव जात:?
२) संसार: कीदृश:?
३) संसारे क: पुन: जायते?
✓ अन्वय--
येन जातेन (तस्य)वंश: समुन्नतिं याति स: (एव) जात:। (अन्यथा) परिवर्तिनि संसारे क: वा मृत: (पुन:) न जायते?
✓ अर्थ--
१) मराठी अर्थ–
ज्याच्या जन्मामुळे त्याच्या कुळाचा उत्कर्ष होतो त्याचा जन्म खऱ्या अर्थाने सफल होय या नश्वर जगात जो मृत्यू पावतो त्याला पुन्हा पुन्हा जन्म घ्यावा लागतो.
२) संस्कृतार्थ:--
यस्य जन्मना तस्य कुलं उत्कर्षं प्राप्नोति तस्य जन्मः एव सफलम् ।नश्वरे संसारे यः मृतः भवति सः पुनः पुनः जनिष्यते एव।
३) हिंदी अर्थ--
उसका ही सचमुच जन्म हुआ है (जीवन सार्थक हुआ है ) जिसके जन्म लेने के कारण उसका वंश (कुल ) प्रसिद्धि और उन्नति को प्राप्त करता है। नही तो इस परिवर्तनशील जगत मे मरा हुआ कौन (जीव) पुन: जन्म नही लेता?
४) English Meaning--
Only he is truly born (his birth is meaningful) by whose birth (by his doings in life) his lineage attains eminence. Otherwise say which dead soul is not born again and again in this ever changing world?
According to the Hindu theory of transmigration an individual's soul, after his death, is certainly reborn in this world, which is a very commonplace occurrence. He whose life is spent in achieving something great, giving eminence to his lineage; only the birth of such an individual is meaningful.