३६) पादौ हस्तौ ------।।

पादौ हस्तौ जानुनी द्वे
वक्षश्चाथ ललाटकम्।
अष्टाङ्गेन स्पृशेद्भूमिं
साष्टाङ्गप्रणतिश्च सा।।

पदच्छेद--
पादौ, हस्तौ, जानुनी, द्वे, वक्ष:, च, अथ, ललाटकम्, अष्टाङ्गेन, स्पृशेत्, भूमिम्, साष्टाङ्गप्रणति:, च, सा।

शब्दार्थ-- 
१) पादौ > पाद (पुं)--
= दोन्ही पाय
= दोनों पैर
= Two feet

२) हस्तौ > हस्त (पुं)--
= दोन्ही हात
= दोनो हाथ
= Two hands

३) जानुनी >जानु (नपुं)--
= दोन्ही गुडघे 
= दोनो घुटने
= Two knees

४) द्वे >द्वि (वि, नपुं)--
= दोन
= दो
= Two

५) वक्ष: >वक्षस् (नपुं)--
= छाती
= छाती 
= The chest

६) (अ)-
= आणि
= और
= and

७) अथ (अ)--
= त्याचप्रमाणे
= और भी 
= In addition to, also

८) ललाटकम् > ललाटक (नपुं)--
= कपाळ 
= ललाट
= The forehead

९) अष्टाङ्गेन >अष्टाङ्ग (नपुं, समास:)--
• अष्टानाम् अङ्गानां समाहार: अष्टाङ्गम्, तेन।
= या आठ अंगांनी 
= इन शरीर के आठ अंगों से
= By eight parts of the body

१०) स्पृशेत् >स्पृश् (६प)--
= स्पर्श करावा 
= स्पर्श करना चाहिए
= Should touch

११) भूमिम् >भूमि (स्त्री)--
= जमिनीला 
=ज़मीन को/भूमी को
= The ground

१२) साष्टाङ्गप्रणति: >साष्टाङ्गप्रणति (स्त्री, समास:)--
• अष्टानाम् अङ्गानां समाहार: अष्टाङ्गम्।
• अष्टाङ्गेन सह ,साष्टाङगा।
• सष्टाङ्गा प्रणति:।
= साष्टांग नमस्कार 
= साष्टांग प्रणिपात
= Salutation using the eight parts of the body

१३) सा > तद् (स्त्री)--
= ती 
=वह
= That 

प्रश्न--
१) अष्ट अङ्गानि कानि?
२) अष्टभि: अङ्गै: किं स्पृशेत्?
३) एतादृश्या: स्पर्शनक्रियाया: नाम किम्?

अन्वय--
द्वे पादौ हस्तौ जानुनी च अथ (एक:) वक्ष: (एकम् ) ललाटकं च (एतेन) अष्टाङ्गेन भूमिं स्पृशेत्। सा  साष्टाङ्गप्रणति: (इति कथ्यते)।

अर्थ--

१) मराठी अर्थ-- 
दोन पाय, दोन हात,दैन गुडघे, छाती आणि कपाळ या शरीराच्या आठ अंगांनी जमिनीस स्पर्श करावा म्हणजे तो साष्टाङ्ग नमस्कार होतो.

२) संस्कृतार्थ:--
द्वौ पादौ, द्वौ चरणौ, द्वे जानुनी, उर: तथा ललाटम् इत्येतै: शरीरस्य अष्टाभि: अवयवै: यदि भूमिं स्पृशति तर्हि स: साष्टाङ्गनमस्कार: उच्यते।

३) हिंदी अर्थ--
दोनो पैर , दोनो हाथ , दोनो घुटने , ( एक ) वक्ष और भी एक भाल इन शरीर के सभी आठ अंगों से हम भूमीस्पर्श करते है , तब वह साष्टांग प्रणिपात कहलाता है ।

४) English Meaning--
Two feet, two hands, two knees, the chest and also the forehead-- with these eight parts of the body we should touch the ground. It is called salutation with eight parts of the body.