१३०) अभ्यावहति -------।।

अभ्यावहति कल्याणं 
विविधं वाक्सुभाषिता।
सैव दुर्भाषिता राजन्
अनर्थायोपपद्यते।।

पदच्छेद-- 
अभ्यावहति , कल्याणम्, विविधम्, वाक्, सुभाषिता, सा,एव, दुर्भाषिता, राजन्, अनर्थाय, उपपद्यते।

शब्दार्थ-- 

१) अभ्यावहति > अभि+आ+वह् (१प)--
= निर्माण करते
= करती है
= Brings towards/ produces

२) कल्याणम् > कल्याण (नपुं)--
=कल्याण/ हित 
=कल्याण
= Welfare

३) विविधम् >विविध (वि, नपुं)--
= विविधतेने 
=विविधता से
= Of various kinds

४) वाक् >वाच् (स्त्री)--
=गोष्ट/ वचने
= बात
= Speech

५) सुभाषिता >सुभाषित (वि,स्त्रियाम्)
=गोड शब्दांत सांगितलेली
=मधुरता से कही हुई
= Spoken in a good manner

६) सा >तद् (स्त्री)--
=ती
=वह
= That

७) एव (अ)--
=तसेच
=वैसे ही
= Verily

८) दुर्भाषिता > दुर्भाषित (वि, स्त्रियाम्)--
= कठोरपणे सांगितलेली 
=कठोर शब्दों में कही गई
= Spoken in a bad way

९) राजन् (पु,संबो)--
=हे राजा!
=हे राजन् !
= O, King

१०) अनर्थाय >अनर्थ(पुं)--
= अनर्थाचे
=अनर्थ का
= For disaster

११) उपपद्यते >उप+पद् (४आ)--
=कारण बनते
=कारण बन सकती है ।
= Becomes the cause 

प्रश्न
१)सुभाषिता वाक् किं अभ्यावहति?
२) दुर्भाषिता वाक् कस्मै उपपद्यते?

अन्वय-- 
हे राजन्, सुभाषिता वाक् विविधं कल्याणम् अभ्यावहति। सा हि दुर्भाषिता (वाक्) अनर्थाय उपपद्यते।

अर्थ--

१) मराठी अर्थ–
हे राजा! गोड शब्दांत सांगितलेली गोष्ट अनेक प्रकारे कल्याणकर होते पण तीच गोष्ट कठोर शब्दांत सांगितली तर मात्र मोठ्या अनर्थाचे कारण होऊ शकते.

२) संस्कृतार्थ:-- 
हे राजन्, मधुरा वाणी  विविधं कल्याणं जनयति। सा हि परुषा वाक् अनर्थकारणं भवति।

३) हिंदी अर्थ-- 
हे राजन् ! मधुरता से कही हुई बात अनेक प्रकार से कल्याण करती है , पर वही बात कटु या कठोर शब्दों में कही गई तो बहुत बडे अनर्थ का कारण बनती है ।

४) English Meaning-- 
O king, speech uttered in a good way entails various kinds of welfare but verily the same speech uttered in a bad way becomes the cause for disaster.